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Introduction to Madhepura बिहार राज्य के 38 जिलों में मधेपुरा एक जिला हैं ,जो जो पहले सहरसा के साथ था लेकिन 9 may1981 से इसे अलग जिला बना दिया गया । कहा जाता है कि मधेपुरा और कोसी का गहरा सम्बन्ध हैं । कोसी नदी के कारण मधेपुरा और इससे सटे जिलों को प्रायः प्राकृतिक आपदा का शिकार होना पड़ता हैं । इस कारण भी कोसी नदी को बिहार का शोक कहा जाता हैं । मधेपुरा में भगवान शिव को मानने वालो की संख्या ज्यादा हैं । । मधेपुरा अपने यहाँ के सिंघेश्वर स्थान के कारण प्रसिद्ध हैं जो भगवान शिव का मंदिर हैं ।
भारत पुराण के अनुसार सिंघेश्वर का प्राचीन नाम श्रीन्गेस्वर था । जहाँ रामायण काल में ऋषि श्रृंग का आश्रम हुआ करता था और आश्रम के चारो ओर घना जंगल था जिसमें हिरण, चीता, भालू आदि पशु रहा करते थे । पौराणिक मान्यता है कि राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यही पुत्रेष्ठी यज्ञ करवाया था जो ऋषि पत्नी के अनुरोध पर ऋषि श्रृंग द्वारा किया गया था जिसके फलस्वरूप राजा दशरथ के घर एक के बाद एक चार पुत्रो राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघन का जन्म हुआ । जिनमें सबसे बड़े राम अयोध्या के राजा पुरोषोत्तम श्रीराम कहलाए ।
महाभारत काल में मधेपुरा को अंग देश के नाम से जाना जाता था जहाँ के राजा दानवीर कर्ण को बनाया गया था ।।
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